about rti in hindi  | सूचना का अधिकार क्या है
About Rti In Hindi

about rti in hindi | सूचना का अधिकार क्या है

About Rti In Hindi | सूचना का अधिकार क्या है

आप सभी का वेलकम है About RTI In Hindi इस आर्टिकल मे कही सारे लोग है जिनको RTI के अधिकारों कि जानकारी नहीं होती तो About RTI In Hindi इस आर्टिकल आप सभी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि हम Hindi मे RTI से जुडी जानकारी इस आर्टिकल मे देखने वाले है तो यह सभी जानकारी से आपको बहुत फायदा होगा और उसे समझने मे आपको आसानी होगी तो आप सब तयार है तो हम शुरू करते है हमारे About RTI In Hindi इस आर्टिकल को

About RTI In Hindi

भारत देश में लोकतंत्र को बचाए रखने के लिए हर समय कानून बनाए और बदले जाते हैं सूचना का अधिकार भी एक कानून है उसिके अंतर्गत भारत देश का लोकतंत्र मजबूत होता है सन 1989 दिसम्बर 03 को तत्कालीन प्रधानमंत्री बी.पी. सिंह इन के द्वारा भारतीय संविधान में शासकीय गोपनीयता अधिनियम संबंधी संशोधन की घोषणा कि गयी थी

जिससे प्रशासन के कार्यों में नागरिकों की सहभागिता बढती है और यह कानून के आने से कई सारे समाज सेवको ने इस कानून की मदत से लोगों की सहायता करने की पूर्ण कोशिश की है तो इस आर्टिकल मे इस कानून से सम्बंधित विशेष बातों का संपूर्ण वर्णन किया गया है

RTI का अधिकार महत्वपूर्ण क्यों है

इस कानून से भ्रष्टाचार को रोकने के लिए एक अच्छा रास्ता साबित हो सकता है जिसका प्रयोग करके हर एक व्यक्ति सरकारी दफ्तरों से कोई भी ब्योरा प्राप्त कर सकते है सर्वोच्च न्यायालय ने ईशर आयल लि और हेल्थ उत्कर्ष समिति इस वाद में अनुच्छेद 21 के अंतर्गत RTI के अधिकार को सम्मिलित किया और उसके बाद इस दिशा में सरकार ने 2005 में ठोस कदम उठाते हुए

RTI अधिकार अधिनियम को पारित करते हुये इस अधिनियम को सन 2005 मई 11 को लोकसभा और सन 2005 मई 12 को राज्य सभा में पारित किया फिर सन 2005 जून 15 को इस अधिनियम को राष्ट्रपति की अनुमति प्राप्त हुई जम्मू और कश्मीर को छोड़ कर भारत के सभी राज्यों में यह कानून लागू है सभी संवैधानिक पद इस कानून के अंतर्गत लगभग आते है जिसकी जानकारियाँ हम प्राप्त कर सकते है

इस कानून के जरीऐ कोई भी व्यक्ति किसी भी सरकारी संस्थान से जानकारी के लिए अपना आवेदन कर सकता है जिसका जवाब वह सरकारी संस्थान को 30 दिनों के अन्दर अन्दर देना होता है

RTI अधिनियम 2005 क्या है

सूचना का अधिकार यह विशेष तरह का एक कानून है जिसकी सुरुआत वर्ष 2005 में हुई थी और यह कानून लाने का सबसे बड़ा उद्देश्य आम नागरिकों को सीधे सरकार से सवाल करने का हक दिलाना था इस कानून की मदत से हर एक आम व्यक्ति किसी भी सरकारी कार्यालय में जाकर अपना RTI दर्ज कर सकता है और किसी भी तरह की जानकारी प्राप्त कर सकता है देश के हर नागरिक को सरकार से सवाल पूछने का हक है

RTI अधिकार के क्या लाभ है

RTI से आम लोगों को कही प्रकार के लाभ मिलते है जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता आती है इसीलिये हम यहाँ पर इसके कुछ विशेष लाभों का वर्णन कर ने वाले है

✓ RTI अधिकार आम नागरिकों को सशक्त और उनके अधिकारों की रक्षा करता है

✓ इस RTI कानून का उपयोग करके हम सरकारी संस्थानों से कही तरह की जानकारियाँ प्राप्त कर सकते है और कोई भी व्यक्ति RTI कानून के अधीन राय नहीं मांग सकता

✓ RTI योजना से व्यक्ति वह सभी जानकारियाँ प्राप्त कर सकता है जो उस व्यक्ति की निजी ज़िन्दगी से जुड़ी होती है जैसे प्रोविडेंट एंड फण्ड की जानकारी / टैक्स रिफंड की जानकारी / पेंशन की जानकारी आदी

✓ RTI कानून का उपयोग करके आम नागरिक भ्रष्टाचार की शिकायत / बिजली या पानी के संबंधित समस्या / सडकों के मरम्मत फंड की जानकारियाँ प्राप्त कर सकता है

RTI के अधिकार संबंधित आवश्यक नियम क्या है

आवेदन करने से पहले कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना आवश्यक है इसीलिये इस आवेदन के संबंधित नियम कुछ इस तरह है

✓ भारतीय नागरिक अपना आवेदन जमा कर सकता है आप भारतीय नागरिक है तो इसका उपयोग करके आप किसी भी सरकारी दफ्तर से आपके आवश्यक आनेवाली सभी जानकारियाँ हासिल कर सकते है

✓ RTI अधिकार 2005 के अंतर्गत किसी भी पब्लिक अथॉरिटी से आप सूचना ले कर सकते है जिनकी स्थापना संविधान के अंतर्गत हुई है वह सभी केन्द्रीय राज्य / स्थानीय संस्थान पब्लिक अथॉरिटी के अंतर्गत आते है और जो संस्थान केंद्र / राज्य सम्मेलन से चलती है वहाँ भी आप आवेदन दे सकते है

✓ RTI अधिनियम से कही संस्थानों को अलग अलग रखा गया है इस अधिकार के सेक्शन 24 -1 के अंतर्गत सिक्यूरिटी / इंटेलिजेंस एजेंसी इनको इससे बाहर रखा है

✓ RTI आवेदन में आपको को सटीक सरकारी संस्था का नाम जमा करना पड़ता है जिस सरकारी संस्था से आपको जानकारियाँ हासिल करनी है आपका का काम है कि यह पता लगाए कि कहाँ पर आवेदन को जमा करने जल्द से जल्द आपको आवेदन प्राप्त हो

✓ RTI आवेदन के साथ आपको आवेदन का शुल्क भी भेजना होता है हर एक व्यक्ति के लिए यह राशि सिर्फ 10 रूपए होती है
अगर आप गरीबी रेखा से नीचे आते हो तो आपको यह शुल्क भी नही लगता है
गरीबी रेखा के नीचे के व्यक्ति को अपने आवेदन के साथ अपना जाति प्रमाणपत्र भी देने की आवश्यकता होती है

✓ आपको इस बात का खास ध्यान रखना जरुरी है कि अलग अलग राज्यों में यह शुल्क भी अलग है सभी राज्यों में यह शुल्क 8 रुपए से लेकर 100 रूपए के बीच का होता है

✓ RTI के अंतर्गत आपको 30 दिनों के अन्दर इसका परिणाम मिल जाता है और अगर आपको बहोत ही आवश्यक डॉक्यूमेंट हो तो 48 घंटे के अन्दर भी परिणाम लिया जा सकता है

✓ कई कारणों से RTI का आवेदन रिजेक्ट भी किया जा सकता है अगर आपने आपके आवेदन में आपकी जानकारी और आपकी बातें सही से न भरी है या किसी तरह के डॉक्यूमेंट अधूरे है तो आपका आवेदन रिजेक्ट किया जा सकते है या अगर आपने आवेदन की राशि गलत दी है तो भी आपका आवेदन रिजेक्ट हो सकता है

RTI अधिकार के अंतर्गत आवेदन कैसे करें

RTI अंतर्गत आवेदन देने के लिए आवेदक निम्न प्रक्रिया अपना सकता है

✓ आपको RTI अंतर्गत आवेदन देने के लिए आप हाथों से आवेदन लिख सकते है उस के लिए आपको कही सारे ऑनलाइन आवेदन सैंपल भी मिल सकते हैं जिसकी मदत से आप आपका आवेदन लिख सकता है

✓ अगर आपको RTI का आवेदन लिखने में कोई परेशानी हो रही है तो आप सूचना अधिकारी की सहायता लेकर भी आवेदन लिख सकते है

✓ केंद्र सरकार की तरफ से RTI आवेदन के लिए आवेदन फॉर्म ऑनलाइन दिया गया है जिसको आप इस वेबसाइट के जरीये देख सकते है https://rtionline.gov.in/request/request.php तो इसकी मदत से भी घर बैठ कर ऑनलाइन शुल्क जमा करके भी आप आवेदन जमा कर सकते है

✓ अगर आप प्रवासी भारतीय है तो भी आप अपना आवेदन ई-पोस्टल आर्डर की मदत से इंडियन मिशंस में अपना आवेदन जमा कर सकते है

RTI अधिकार के उपयोग के मुख्य कारण

तीन ऐसे मुख्य कारण है जिसके अंतर्गत इसका उपयोग किया जाता है तो हम उन तीनों मुख्य कारणों का वर्णन नीचे देखते है

✓ सरकारी सेवा में जब देर हो :- 


कही बार सरकारी सेवायें आम नागरिको तक पहुँचने में बहुत समय लगता है और इस देर की प्रमुख्य वजह सरकारी कर्मचारियों द्वारा किया गया भ्रष्टाचार होता है जैसे की अगर आपको आपके ड्रायविंग लेसन्स को रिन्यु कराने में परेशानी हो रही है या आपके आजु बाजु में सडक का काम हो तो आपको कानून का उपयोग करके वह काम करने मे देर हो रही है

✓ संस्थानों की निष्क्रियता :-


किसी भी सरकारी संस्था की निष्क्रियता पर भी इस कानून के मदत से सवाल उठा या जा सकता है यह भी ध्यान दे कि इस कानून के तहत आप किसी भी संस्था से उसके डॉक्यूमेंट की एक कॉपी प्राप्त कर सकते है जिसकी मदत से संस्था का भ्रष्टाचार सामने आ सकता है

✓ अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ :-


इस कानून का उपयोग करके आप कोई भी तथ्य प्राप्त कर सकते है और जो अदालत में आपके लिए दलील का काम कर सकता है किस दुर्घटना में कितने लोगों की मृत्यु हुई या नुकसान हुआ या किस सरकारी काम या कार्यक्रम में कितना खर्च हुआ है यह सब आप इस से जान सकते है

केंद्रीय सूचना आयोग की संरचना

RTI का अधिकार अधिनियम 2005 के अध्याय – 3 और केंद्रीय RTI आयोग अध्याय – 4 में राज्य RTI आयोगों के गठन का वर्णन है

✓ RTI कानून की धारा -12 के अनुसार केंद्रीय सूचना आयोग के धारा-13 के अनुसार सूचना आयुक्तों की पदा वधि एवं सेवा शर्ते और धारा -14 में उन्हें उनके पद से हटाने संबंधी प्रावधान किये गए है

✓ केंद्रीय RTI आयोग एक मुख्य सूचना आयुक्त तथा अधिकतम 10 के केंद्रीय सूचना आयुक्तों का प्रावधान है जिसमे इनकी नियुक्ति देश के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है

✓ यह नियुक्तियाँ प्रधानमंत्री के अध्यक्षता में बनाई हुई समिति की अनु शंसा पर की जाती है जिसमें लोकसभा के विपक्ष का नेता और प्रधानमंत्री इनके द्वारा बतायें गये मनोनीत कैबिनेट मंत्री इसके बतौर सदस्य होते है

इसका नोडल मंत्रालय

✓ कार्मिक / प्रशिक्षण विभाग सूचना का अधिकार केंद्रीय सूचना आयोग का नोडल मंत्रालय विभाग है

✓ अधिकांश सार्वजनिक उप क्रमों अथवा प्राधिकरणों को RTI के अधिनियम अंतर्गत लाया गया है

✓ केंद्र सरकार के 2200 सरकारी कार्यालय और उपक्रम है जिनमे ऑनलाइन RTI दाखिल करने अथवा उसका जवाब देने की व्यवस्था की गई है और ऐसा इन संस्थानों के कामकाज में अधिकतम की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिये उसके प्रति बद्धता को ध्यान में रखते हुए किया गया है

✓ आधुनिक तरीके की तकनीक के उपयोग से RTI दाखिल करने के लिये एक पोर्टल और एक एप भी उपलब्ध है जिसकी सहायता से हर एक नागरिक उसके मोबाइल फोन से किसी भी समय पर और किसी भी स्थान से RTI के लिये आवेदन कर सकता है

✓सभी राज्य सरकारों को RTI पोर्टल शुरू करने के व्यावहारिकता पर विचार करने को कहा गया है राष्ट्रीय RTI सूचना विज्ञान केंद्र को ऑनलाइन RTI पोर्टल बनाने में राज्य सरकारों की मदत करने को कहा गया है

प्रमुख प्रावधान क्या है

✓ इसमें RTI सूचना प्रदाता और भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले की व्यापक परिभाषा आपको प्रदान की गई है इसीलिये इसके अंतर्गत सरकारी अधिकारी या कोई भी व्यक्ति या गैर-सरकारी संगठन भी इसमे व्हिसल ब्लोअर हो सकता है

✓ भ्रष्टाचार के मामले मे कोई भी खुलासा करने वालों पर सरकारी गोपनीयता कानून 1923 भी लागू होता है मतलब जिसमे यह गोपनीय सूचनाओं के खुलासे की अनुमति को प्रतिबंधित करता है

✓ इस अधिनियम के तहत सभी प्राधिकारी को सिविल न्यायालय की सारी शक्तियाँ प्रदान की गई है जिसमे वह जाँच के लिये CBI पुलिस अधिकारी आदि की मदत ले सकता है

✓ इसके तहत जो लोग भ्रष्टाचार की जानकारी देने वाले उनकी सुरक्षा का पर्याप्त प्रावधान किया गया है और इसके साथ ही जो व्यक्ति गलत या फ़र्ज़ी शिकायत करने वालों के लिये दंड की व्यवस्था भी की गई है

✓ इसके तहत भ्रष्टाचार उजागर करने वाले लोग यानी की व्सिहल ब्लोअर्स की पहचान हमेशा गुप्त रखी जाती है

✓ कोई भी व्यक्ति किसी भी सक्षम प्राधिकार के सामने भ्रष्टाचार के मामले में जनहित में उसकी सभी जानकारी सार्वजनिक कर सकता है

आपने About RTI In Hindi इस आर्टिकल को ठीक से और पूरी तरह से पढलिया है तो इस आर्टिकल मे आपको RTI का अधिकार महत्वपूर्ण क्यों है, RTI अधिनियम 2005 क्या है, RTI अधिकार के क्या लाभ है, RTI के अधिकार संबंधित आवश्यक नियम क्या है, RTI अधिकार के अंतर्गत आवेदन कैसे करें, RTI अधिकार के उपयोग के मुख्य कारण, केंद्रीय सूचना आयोग की संरचना, इसका नोडल मंत्रालय, प्रमुख प्रावधान क्या है यह RTI कार्यक्षेत्र की बताई गई सभी जानकारी आपको अच्छे से समज आयी है और ऐसी कहि सारी जानकारी के लिए आप हमारे साथ ऐसे ही बने रहे धन्यवाद

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